शब्द सम्मान 2019

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साहित्य का, साहित्य के लिए, साहित्य को समर्पित शब्द साधना अलंकरण भाषा की शक्ति उसके साहित्य से न सिर्फ समृद्ध होती है बल्कि उससे सामाजिक विवेक, सांस्कृतिक उज्ज्वलता और मानवीय मूल्यों का प्रकाश प्राप्त करती है। हिंदी और समस्त भारतीय भाषाओं का साहित्य हमारे सामूहिक स्वप्न को प्रतिबिंबित करता है। शब्दों के इस सफर में खुद की उपस्थिति को अमर उजाला दायित्वपूर्ण उपक्रम की तरह देखता रहा है। खासकर साहित्य में संघर्ष और उपलब्धि की जो विलक्षण परंपरा है उसका सतत सम्मान और विचार-प्रसार अमर उजाला की पत्रकारिक भूमिका का अभिन्न अंग रहा है।

शब्दों की महान परंपरा के सतत सम्मान और श्रेष्ठतम सृजन को रेखांकित करने के अनिवार्य दायित्व के निर्वहन की दिशा में अमर उजाला परिवार ने ‘शब्द सम्मान’ के रूप में प्रतिवर्ष छ: अलंकरणों की स्थापना का निर्णय लिया है। इसके तहत अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से साहित्य में दो सर्वोच्च सम्मान, एक हिंदी और एक किसी अन्य भारतीय भाषा में सतत, विशिष्ट रचनात्मक योगदान के लिए पांच-पांच लाख की राशि के साथ अर्पित किए जाएंगे। इसके साथ ही, एक अलंकरण हिंदी में किसी भी लेखक की पहली कृति के लिए होगा, तीन अलंकरण कथा, कविता तथा गैर-कथा श्रेणियों में वर्ष की श्रेष्ठ कृतियों को समर्पित होंगे तथा एक विशेष अलंकरण भारतीय भाषाओं में पुल बनाने वाली अनुवाद परंपरा के लिए है, जिसके तहत हिंदी सहित किसी भी भारतीय भाषा से किसी भी अन्य भारतीय भाषा में परस्पर अनुवाद के लिए श्रेष्ठ कृतिकार को सम्मानित किया जाएगा। ये चारों सम्मान एक-एक लाख रुपए राशि के साथ अर्पित किए जाएंगे।

कोई भी भारतीय नागरिक, लेखक, प्रकाशक या पाठक, निर्धारित तिथि तक नियमानुसार प्रस्ताव या अनुशंसाएं भेज सकता है ताकि चयन के उच्चतर मानदंडों का अनुपालन हो सके। अमर उजाला शब्द सम्मान प्रतिवर्ष एक विशेष समारोह में प्रदान किए जाएंगे। अंतिम निर्णय अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा गठित सर्वोच्च निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा। अमर उजाला फाउंडेशन के शब्द सम्मान निर्णायक मंडल के पास चयन या नामांकन के समस्त अधिकार निहित हैं और प्रत्येक स्थिति में उनका निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा।

शब्द सम्मान

 

  • सर्वोच्च
    सम्मान

    आकाशदीप

    यह सर्वोच्च अलंकरण किसी भी सर्जक के समग्र अवदान, अनवरत रचनाधर्मिता और मानवीय मूल्यों के संवर्धन में श्रेष्ठतम भूमिका के सम्मान में अर्पित किया जाता है। यह सर्वोच्च सम्मान हिंदी और एक अन्य भारतीय भाषा की विभूति को दिया जाता है। सतत राह दिखाने वाली रोशनी का प्रतीक आकाशदीप अलंकरण- पांच-पांच लाख रुपए की सम्मान राशि के साथ प्रदान किया जाता है। वर्ष २०१८ के लिए डॉ नामवर सिंह को हिंदी और श्री गिरीश कारनाड को हिन्दीतर भारतीय भाषा (कन्नड़) के अंतर्गत आकाशदीप अर्पित किया गया। वर्ष २०१९ का आकाशदीप सम्मान श्री ज्ञानरंजन को हिन्दी के लिए और श्री भालचंद्र नेमाड़े को हिन्दीतर भारतीय भाषा (मराठी) के लिए दिया गया था। वर्ष २०२० के लिए प्रख्यात आलोचक श्री विश्वनाथ त्रिपाठी को हिंदी और हिंदीतर भाषाओँ में बांग्ला के विख्यात कवि श्री शंख घोष को दिया जाएगा।

  • प्रथम कृति
    सम्मान

    थाप

    हिंदी में किसी भी रचनाकार की पहली प्रकाशित मौलिक कृति के लिए यह सम्मान, रचनाकर्म की पहली थाप को समर्पित है। उम्र की इसमें कोई सीमा नहीं है और सम्मान राशि एक लाख रुपए है। ये विधाओं में से अंतरित क्रम से दिए जाते हैं। २०१८ में कथा विधा चुनी गई थी और यह सम्मान प्रवीण कुमार को उनकी कृति ‘छबीला रंगबाज़ का शहर’ के लिए दिया गया। २०१९ के लिए कविता विधा की पहली किताब विचारार्थ ली गई और अंबर पाण्डेय को ‘कोलाहल की कविताएं’ के लिए सम्मानित किया गया। २०२० में कथेतर श्रेणी (रिपोर्ताज, व्यंग्य, निबंध, यात्रा वृत्तांत, पत्रकारिता, संस्मरण, आलोचना, मानविकी आदि सम्मिलित) की पहली किताब पर विचार किया गया। इस वर्ष थाप सम्मान ललित कुमार को उनकी रचना ‘विटामिन जिंदगी’ के लिए दिया जाएगा।

  • श्रेष्ठ कृति
    सम्मान

    छाप

    हिंदी की तीन श्रेणियों - कथा(कहानी/उपन्यास), कविता तथा गैर-कथा (रिपोर्ताज, व्यंग्य, निबंध, यात्रा वृत्तांत, पत्रकारिता, संस्मरण, आलोचना, मानविकी आदि सम्मिलित) में वर्ष की ऐसी श्रेष्ठ कृतियों को जो गहरे तक अपनी छाप छोड़ गई हों, विशिष्ट सम्मान से अलंकृत किया जाता है। प्रत्येक श्रेणी की सम्मान राशि एक लाख रुपए है। कथा श्रेणी में कहानी /उपन्यास अंतरित क्रम से लिए जाते हैं। प्रथम वर्ष कहानी और दूसरे वर्ष उपन्यास को लिया गया था। २०२० के कहानी विधा की कृतियां विचारार्थ ली गई।

    वर्ष २०१८ में श्रेष्ठ कृति सम्मान छाप - कथा श्रेणी में मनीष वैद्य को ‘फुगाटी का जूता’, कविता श्रेणी में आर. चेतनक्रांति को ‘वीरता पर विचलित’ और कथेतर श्रेणी में अनिल यादव को ‘सोनम गुप्ता बेवफा नहीं है’ के लिए सम्मानित किया गया।

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  • अनुवाद
    सम्मान

    भाषा बंधु

    भारतीय भाषाओं में पारस्परिक अनुवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए अमर उजाला शब्द सम्मान में राष्ट्रीय एकता के लिए भाषा बंधु अलंकरण की परिकल्पना की गई है। मानवीय मूल्यों के अनुभव क्षेत्र को वृहत्तर करते हुए सांस्कृतिक बंधुत्व के इस उल्लेखनीय कार्यभार हेतु श्रेष्ठ कृति पर एक लाख रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाती है।

    वर्ष २०१८ में भाषाबंधु श्रेष्ठ अनुवाद के लिए गोरख थोरात को देखणी (मराठी मूलकृति : भालचंद्र नेमाड़े) के लिए, वर्ष २०१९ में उत्पल बैनर्जी को निःशब्द की तर्जनी (बांग्ला मूलकृति : शंख घोष) के लिए सम्मानित किया गया और वर्ष २०२० में जे.एल. रेड्डी को भू-देवता (तेलुगु मूलकृति : केशव रेड्डी) के लिए सम्मानित किया जाएगा।

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shabdsamman@amarujala.com

संयोजक, अमर उजाला शब्द सम्मान, सी 21-22, सेक्टर-59, नोएडा-201301