अमर उजाला शब्द सम्मान-2019

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‘शब्द सम्मान’ अमर उजाला फ़ाउंडेशन द्वारा स्थापित एक प्रतिष्ठित मंच है, जिसका उद्देश्य भारतीय साहित्य की मूल भावना को संरक्षित रखने वाले उत्कृष्ट साहित्यिक कार्यों को सम्मानित करना है।

लिखित शब्दों की उस समृद्ध परंपरा का सम्मान करना, जिसने जीवन को संवेदनशीलता और विचारों से समृद्ध बनाया है, तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं में सृजित उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों को व्यापक पहचान दिलाना, इसी उद्देश्य से हिंदी के प्रमुख समाचार पत्र अमर उजाला ने ‘शब्द सम्मान’ के अंतर्गत छह श्रेणियों में वार्षिक पुरस्कार प्रारंभ किए।

इस पहल के अंतर्गत दो सर्वोच्च सम्मान ‘आकाशदीप’ के नाम से प्रदान किए जाते हैं—एक हिंदी भाषा के लिए तथा दूसरा गैर-हिंदी भारतीय भाषाओं के लिए। ये सम्मान साहित्य के क्षेत्र में आजीवन योगदान हेतु दिए जाते हैं। प्रत्येक आकाशदीप सम्मान के साथ ₹5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।

इसके अतिरिक्त, अन्य पाँच श्रेणियों में प्रत्येक पुरस्कार के साथ ₹1 लाख की राशि दी जाती है। इनमें ‘भाषा बंधु’ एक विशेष सम्मान है, जो भारतीय भाषाओं और हिंदी के बीच उत्कृष्ट अनुवाद कार्य के लिए प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के बीच साहित्यिक सेतु का निर्माण करना है।

1,500 से अधिक साहित्यिक कृतियों का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें अब्दुल बिस्मिल्लाह, अरुण कमल, नंद किशोर आचार्य, अनामिका और ज्योतिष जोशी जैसे वरिष्ठ साहित्यकार शामिल थे।

‘शब्द सम्मान’ का दूसरा पुरस्कार समारोह 28 दिसंबर 2019 को यशवंतराव चव्हाण सेंटर, मुंबई में आयोजित किया गया। पुरस्कार प्रसिद्ध गीतकार गुलज़ार द्वारा प्रदान किए गए।

इस वर्ष ‘आकाशदीप’ सम्मान हिंदी श्रेणी में प्रसिद्ध लेखक ज्ञानरंजन को तथा गैर-हिंदी श्रेणी (मराठी) में विख्यात कवि-उपन्यासकार भालचंद्र नेमाडे को प्रदान किया गया।

अन्य श्रेणियों में विजेताओं का विवरण इस प्रकार रहा:

• छाप-उपन्यास: ज्ञान चतुर्वेदी की कृति ‘पागलखाना’ को सम्मानित किया गया।

• छाप-कविता: गगन गिल की रचना ‘मैं जब तक आई बहार’ को पुरस्कार मिला।

• नॉन-फिक्शन: सुनीता बुद्धिराजा की पुस्तक ‘रसराज पंडित जसराज’ को सम्मानित किया गया।

• थाप (प्रथम प्रकाशित पुस्तक): अंबर पांडे की कृति ‘कोलाहल की कविताएं’ को चुना गया।

• भाषा बंधु (अनुवाद): उत्पल बनर्जी को शंख घोष की मूल बंगाली कृति ‘निःशब्द की तर्जनी’ के हिंदी अनुवाद के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

प्रत्येक विजेता को नकद पुरस्कार के साथ-साथ प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार द्वारा निर्मित गंगा की प्रतिमा भी भेंट की गई।

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shabdsamman@amarujala.com

संयोजक, अमर उजाला शब्द सम्मान, सी 21-22, सेक्टर-59, नोएडा-201301

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