अमर उजाला शब्द सम्मान-2018

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‘शब्द सम्मान’ अमर उजाला फ़ाउंडेशन द्वारा आरंभ किया गया एक प्रतिष्ठित मंच है, जिसका उद्देश्य भारतीय साहित्य की मूल भावना को संरक्षित रखने वाले उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना है। लिखित शब्दों की उस समृद्ध परंपरा को सम्मान देने और उसे स्थायी बनाने की अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हुए, साथ ही विभिन्न भारतीय भाषाओं में सृजित श्रेष्ठ साहित्यिक कृतियों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए, हिंदी के प्रमुख समाचार पत्र अमर उजाला ने ‘शब्द सम्मान’के अंतर्गत छह श्रेणियों में वार्षिक पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया।

इस पहल के अंतर्गत दो सर्वोच्च सम्मान ‘आकाशदीप’ स्थापित किए गए हैं—एक हिंदी भाषा के लिए तथा दूसरा हिंदी के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं के लिए। ये सम्मान साहित्य में आजीवन योगदान हेतु प्रदान किए जाते हैं, और प्रत्येक सम्मान के साथ पाँच लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है।

अन्य पाँच पुरस्कारों में, जिनकी पुरस्कार राशि प्रत्येक के लिए एक लाख रुपये है, ‘भाषा बंधु’ नामक विशेष सम्मान भी शामिल है। यह सम्मान भारतीय भाषाओं और हिंदी के बीच उत्कृष्ट अनुवाद कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य भारत की विविध भाषाओं के बीच सशक्त सेतु स्थापित करना है।

1,200 से अधिक साहित्यिक कृतियों का मूल्यांकन जूरी सदस्यों के एक प्रतिष्ठित पैनल द्वारा किया गया, जिसमें ज्ञानरंजन, मंगलेश डबराल, विश्वनाथ त्रिपाठी, प्रयाग शुक्ल तथा सुधीश पचौरी जैसे प्रख्यात साहित्यकार शामिल थे।

‘शब्द सम्मान’ का पहला पुरस्कार समारोह 31 जनवरी 2019 को तीन मूर्ति ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। यह सम्मान प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रदान किए गए।

‘शब्द सम्मान’ का सर्वोच्च सम्मान ‘आकाशदीप’ हिंदी भाषा श्रेणी में प्रख्यात आलोचक डॉ. नामवर सिंह को तथा गैर-हिंदी भाषा श्रेणी में विख्यात नाटककार एवं कलाकार गिरीश कर्नाड को प्रदान किया गया।

पुरस्कार विजेता (अन्य श्रेणियाँ):

• छाप-कथा (कहानी): फुगती का जूता — लेखक: मनीष वैद्य

• छाप-कविता: वीरता पर विचलित — लेखक: आर. चेतन क्रांति

• नॉन-फिक्शन: सोनम गुप्ता बेवफ़ा नहीं है — लेखक: अनिल यादव

• थाप (प्रथम प्रकाशित पुस्तक): छबीला रंगबाज़ का शहर — लेखक: प्रवीण कुमार

• भाषा बंधु (अनुवाद): देखनी के अनुवाद हेतु गोरख थोरात को सम्मानित किया गया। यह मूलतः भालचंद्र नेमाडे की मराठी रचना है।

प्रत्येक विजेता को नकद पुरस्कार के साथ गंगा की प्रतिमा भी प्रदान की गई, जो प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार द्वारा निर्मित प्रतिमा पर आधारित थी।

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पता

shabdsamman@amarujala.com

संयोजक, अमर उजाला शब्द सम्मान, सी 21-22, सेक्टर-59, नोएडा-201301

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